गुरुवार, 15 मई 2014

जा जा मेरे बचपन

जा जा मेरे बचपन ,कही जा के  छुप नादान



जा जा मेरे बचपन ,कही जा के  छुप नादान 

आने को है अब तो जीवन में एक तूफ़ान 

जा जा मेरे बचपन ,कही जा के  छुप नादान 

दिल में बसे है जो आएंगे वो मेहमान 

पल भर में दिल धड़के जब उनका मिलेगा साथ 

बुन ने लगा दिल अब सपनो का एक जहान 

लगने लगे है वो जीवन के मुझे सरताज़ 

जा जा मेरे बचपन ,कही जा के  छुप नादान 

आने को है अब तो जीवन में एक तूफ़ान 

ख्वाबो में है हरदम उनका मुझे एहसास 

छाए है जो बनके दिल के मेरे सरताज 

उनके लिए हरदम आँखों में भरा है प्यार

उनसे ही तो अब है जीवन का नया आगाज 

छाया है अब हर पल खुशियों से भरा एहसास 

जा जा मेरे बचपन ,कही जा के  छुप नादान 

आने को है अब तो जीवन में एक तूफ़ान