गुरुवार, 6 सितंबर 2012

पेड कहे इन्सान से तू क्या काटे मोये


पेड कहे इन्सान से तू क्या काटे मोये


पेड कहे इन्सान से तू क्या काटे मोये
एक दिन ऐसा आयेगा न में रहूँगा न तोये
है अब हाथ हमारे ही खुद को लेई बचाए
पेड लगाये हर तरफ खुशियों की राह बनाये
धरती के बंजर रूप को फिर से हम सब मिल सजाये
कोई भी कष्ट न रहे धरती भी इठलाये,
पक्षियों को भी मिले सुरक्षा और घरोंदा
विलोपित होती प्रजातिया पक्षियों की
हम सुरक्षित रख पाए देश की खुशाली में
ये पहला कदम हम सब मिलके साथ उठाये
ओजोन की जो परत घट रही उस पर रोक लगाये
बडती गर्मी और बीमारी से दुनिया को आज बचाए
आओ सुरक्षित धरती की नीव मिल हम सब आज सजाये

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