कुछ शब्द
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शनिवार, 6 मई 2023
metabolism fast
Belly Fat Burn
मंगलवार, 19 अप्रैल 2022
पिता की दृष्टि से बेटी की सफ़लता एक कहानी
शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022
खुद पर विश्वास
सच है, विपत्ति जब आती है,
हमको अंदर तक झकझोर जाती हैं।
क्षण एक नही लगता हम धीरज खो देते है।
ईश्वर के इंसाफ को तराजू में तोल लेते है।
वक्त हमको अंदर तक तोड़ देता है।
सोच में नकारात्मक प्रभाव छोड़ देता है।
दुनिया के सामने दयनीय बन जाते है।
खुद ही बिना हारे हर जंग हार जाते है।।
काश हम फौजी जैसे सूरमा होते
एक क्षण नहीं धीरज खोते,
काँटों में भी राह बना लेते
विघ्नों को हर मोड़ पर हरा देते
संघर्ष कर हर मोड़ पर
सफलता को गले लगाते
हर कष्ट से खुद ही संभाल जाते।।
मेहनत कर जो संघर्ष के पसीने में
खुद को नहीं जलाता है,
जीवन के सफर में सफलता की
रोशनी वह नहीं पा पाता है।
गुन बड़े एक से एक प्रखर,
हैं छिपे मानव के भितर,
पर उजागर तभी होते है
जब खुद की छमता पर इंसान विश्वास कर पाता है।।
मंगलवार, 25 जनवरी 2022
क्या सही है बच्चो के लिए अभिभावक बनना या फेर एक अच्छा दोस्त जिससे वो कुछ न छिपाए
में यहाँ अपना अनुभव आपके साथ बाटना चाहती हूँ जो में अपने कॉलेज के समय अपने साथ के और दोस्तों से अनुभव लिया और जो मेरी अभिभावक ने मुझे सिखाया मुझे लगता है की अगर आप और अपनी सारी पीडी के साथ अपना ये अनुभव बाटू तो शायद कुछ अच्छा जो में अपने बड़ो से सिखा आपको बाता पाऊ और हमारी पीडी के अभिभावक अपने बच्चो को सही मार्ग दर्शन दे सके /
मैने देखा है कई अभिभावक बच्चो पर अंकुश लगते है खास तौर पर लडकियों के लिए की लडको से दुरे रहो ,अकेले बाज़ार न जाओ पिक्चर देखने दोस्तों के साथ न जाओ इतनी अंकुश किसी भी बच्चे पर लगाना सही है आपको लगता है इससे बच्चा सही मार्ग पर रहेगा पर अफसोस आपकी ये सोच गलत है अपने बच्चो को सही गलत की पहचान कराइए उनको बताइए क्या उनके लिए सही है क्या गलत //
मेरी मम्मी ने मुझे कभी किसी बंधन में नहीं बांधा बल्कि घर के बड़ो ने जब मम्मी को बोला की इसको co-education में पड़ा रही हो वाहा आपको सही लग रहा है तो उन्होने बहुत अच्छा बताया मुझे ही नहीं मेरे बड़ो को भी की कभी चुम्बक को देखा है negative सीरा हमेशा positive सिरे को अपनी ओर आकर्षित करता है यही आकर्षण लड़के और लडकियों के बीच होता है जितना इस आकर्षण से बच्चो को बच्चओगा वो उतना ही उस ओर भागेगा इसलिए उनको सही रास्ता दिखाओ/उन्होने कहा बच्चो को उनकी limitation समझनी चाहिए उनको ये पहचान करना सिखाना चाहिए की उनके लिए क्या सही है क्या गलत उनको अपने फैसले लेना खुद आना चाहिए लडके हो या लड़की दोस्त बनाओ लेकिन अपनी मरियादा कभी न भूलो
अगर में दोनों तरह के बच्चो को दो हिस्सों में बाटु एक वो जो अंकुश में जीते है एक वो जिनके अभिभावक उनको सारी छुट देते है तो मुझे लगता है शायद आप खुद अच्छा से सोच पायेगे में क्या कहना चाहती हु और मुझे भी पता चलेगा की मेरी सोच कितनी सही है //
बच्चो पर अंकुश
1.मम्मी पापा से झूट बोल कर घुमने जाना
2 मम्मी पापा से झूट बोल कर पिक्चर जाना
3 अपनी छोटी बड़ी सब बाते बड़ो से छुपाना
4. 80% सर्वे रिपोर्ट बोलती है की जो बच्चे गर्ल स्कूल या बॉय स्कूल में पड़ते है कॉलेज में आते ही गर्ल फ्रेंड ,बॉय फ्रेंड जैसे रिश्ते ही नहीं बनाते कई बार बहेक भी जाते है क्योकि पंछी कैद से पहली आजाद होते है और प्यार भरी धोके की दुनिया में खो जाते है क्योकि दिल की बात किसी भी बड़े से नहीं बाटते इसलिए कई बार गलत फैसला कर जाते है कोई उन्हे सही मार्ग दिखाने वाला नहीं होता और चोट खा कर संभलते है/
किसी बंधन में नहीं बंधे बच्चे
1. मम्मी पापा से बोल कर घुमने जाना
2 मम्मी पापा से बोल कर पिक्चर जाना
3 अपनी छोटी बड़ी सब बाते बड़ो से खुल कर बताना
4 80% सर्वे रिपोर्ट बोलती है की जो बच्चे बंधन में नहीं जीते वो हर बात मम्मी पापा से शेयर करते है समय समय पैर आप उनको सही रास्ता दिखा सकते है और क्योकि वो co -education में पडे है तो उनका आकर्षण कम होता है वो लडको को भी फ्रेंड की तरह लेते है/
अब आप बताये क्या सही है बच्चो के लिए अभिभावक बनना या फेर एक अच्छा दोस्त जिससे वो कुछ न छिपाए / बच्चो पर अंकुश लगाना या उनको प्यार से सही रास्ता दिखाना ??????