क्या सच में प्यार ऐसा ही होता है ?
मेरा आज का विषय है प्यार,प्रेम,या यु कह लीजिये
वर्तमान की भाषा में लव ,मेरे मन मे काफी समय से ये सवाल उठ रहा था की
क्या शादी के बाद भी प्यार संभव है ,और यदि हां तो वो किस तरह का प्रेम
होता है.आजकल कुछ अनोखी बाते सुनने को मिलते है कि फलाना औरत अपने बच्चो
को छोड़कर किसी के साथ भाग गई या किसी आदमी ने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर
किसी और से शादी कर ली .आज के इस आधुनिक और प्रगतिशील युग में प्यार के
मायने ही बदल गये है .जाहा कभी हम शीरीं फरहान कि बात
करते थे या लैला मजनू के किस्से सुनते थे .जहा प्यार एक निस्वार्थ और
त्याग कि भावना से वशीभूत होता था आज वही यही प्यार त्याग करता नही दुसरे
से त्याग मांगता है.कि हमने प्यार किया है और अब आप इसकी सजा भुगतो.मेरे एक
सहेली के लिए कुछ डिवोर्स रिश्ते आये है जब डिवोर्स का कारन पुछा तो पता
चला की लड़की किसी और से प्यार करती थी पर पापा का दिल रखने के लिए चुप चाप
शादी कर ली पर बाद में मौका और प्लानिंग के साथ अपने प्यार को अपना लिया
इनसे जाना जाये की उस लड़के ने आपका क्या बिगाड़ा जो उसकी लाइफ अपने प्यार
के खेल में आपने बर्बाद कर दी /इसी तरह कुछ लड़के माँ पापा के सामने बोल
नहीं पाते की उन्हें लड़की पसंद नहीं या वो किसी और से प्यार करते है पहले
तो घर के दवाब में आ कर शादी कर लेता है फेर उस मासूम लड़की को समय समय पर
insult सहने को मजबूर कर देता है ऐसी लडकिया या तो depression में चली
जाती है या suicide करती है या प्यार की साजिश में बलि चढ़ जाती है पता
नहीं ये कैसा प्यार है प्यार करने वालो के दिल में दया और डर दोनों के लिए
मोर्डेन समाज में जगह नहीं /
प्यार तो दो आत्माओ के मिलन का नाम है.पर
आज के इंसान का किसी एक आत्मा से तो मन भरता ही नही .क्या समय बदलने के
साथ साथ आज प्यार भी बदल गया है.प्यार को पूजा का नाम दिया जाता था.पर आज
तो यही पूजा आपको गली के हर कोने पर ,नुक्कड़ पर ,पार्क में ,रेस्टोरंट
में,घर मे,स्कूल में ,कालिज में ..या ये कह लीजिये कि हर जगह देखने को मिल
जाएगी.पहले कभी कभी प्यार के किस्से सुनने को मिलते थे. पर आज तो मानो जैसे
सबको ही प्यार का बुखार हो गया है यहाँ तक की लोग नेट पर भी एक नहीं हजारो
लडकियों को झूठे प्यार के सपने दिखायेगे emotional खुद की कोई दुःख भरी
कहानी सुना अपनी तरफ आकर्षित करेगे फेर उन लडकियों के फीलिंग से धीरे धीरे
आपने male ego को हर तरीके से एन्जॉय कर रोने के लिए छोड एक नयी लड़की की
तलाश में लग जायेगे,ये फितरत कुछ लडको की ही नहीं लडकियों की भी है यहाँ
social साईट पर ये कड़वा सच मैंने अपनी ही कुछ अच्छी नेट फ्रेंड से समझा
यकीं मानिये बहुत दुःख हुआ और प्यार जैसे शब्द पर विशबास नहीं रहा और मेरा
दिल बोला ..क्या सच में प्यार ऐसा ही होता
है ?
नही…प्यार तो निस्वार्थ ,सच्चा और सामने वाले के लिए कुछ भी कर गुजरने का नाम है.प्यार तो शायद ईश्वर कि स्तुति का दूसरा नाम है .आज का प्यार केवल शारीरिक सुख और तोहफों या गिफ्ट का मोहताज़ रह गया है.आज प्यार मन से नही..तन से.कपड़ो से,पैसे से,या फिर इस दोड़ती भागती ज़िन्दगी में से कुछ पल सुकून के ढूंढने का नाम रह गया है .आज सब लोग प्यार कि तलाश में घर से बाहर जाते है .पहले इश्क के लिए घर से बाहर जाना जरुरी नही था न ही बालो में हेयर जेल लगाना जरूरी था और न ही लड़कियों को तंग या उघडे कपडे पहनना जरूरी था ..अब प्यार केवल इन में ही सिमट कर रह गया हे..अब प्यार केवल काम-वासना कि तृप्ति का साधन बन कर रह गया है /
.हो सकता है कि आज के युग में भी सच्चे प्रेमी हो जो सचमुच एक दुसरे से प्यार करते हो …जिनका प्यार रोजमर्रा कि जरूरतों से कही उपर हो …पर आज के माहौल को देख क्या वो एक दुसरे की फीलिंग को समझ पायेगे क्या विशबास करेगे शायद हाँ /न ,मगर ५०% लव स्टोरी आज सिर्फ टाइम पास बन कर रह गई है ..अगर आपने सामने वाले का जवाब प्यार से नही दिया तो प्यार खत्म ..और पहले के जमाने में प्यार एक से होता था और अब तो अनेक से होता है…ये इश्क,प्यार ,लव,मोहब्बत नही है ये केवल एक का दुसरे के प्रति मायावी खिचाव है …और कुछ नहीं…
है ?
नही…प्यार तो निस्वार्थ ,सच्चा और सामने वाले के लिए कुछ भी कर गुजरने का नाम है.प्यार तो शायद ईश्वर कि स्तुति का दूसरा नाम है .आज का प्यार केवल शारीरिक सुख और तोहफों या गिफ्ट का मोहताज़ रह गया है.आज प्यार मन से नही..तन से.कपड़ो से,पैसे से,या फिर इस दोड़ती भागती ज़िन्दगी में से कुछ पल सुकून के ढूंढने का नाम रह गया है .आज सब लोग प्यार कि तलाश में घर से बाहर जाते है .पहले इश्क के लिए घर से बाहर जाना जरुरी नही था न ही बालो में हेयर जेल लगाना जरूरी था और न ही लड़कियों को तंग या उघडे कपडे पहनना जरूरी था ..अब प्यार केवल इन में ही सिमट कर रह गया हे..अब प्यार केवल काम-वासना कि तृप्ति का साधन बन कर रह गया है /
.हो सकता है कि आज के युग में भी सच्चे प्रेमी हो जो सचमुच एक दुसरे से प्यार करते हो …जिनका प्यार रोजमर्रा कि जरूरतों से कही उपर हो …पर आज के माहौल को देख क्या वो एक दुसरे की फीलिंग को समझ पायेगे क्या विशबास करेगे शायद हाँ /न ,मगर ५०% लव स्टोरी आज सिर्फ टाइम पास बन कर रह गई है ..अगर आपने सामने वाले का जवाब प्यार से नही दिया तो प्यार खत्म ..और पहले के जमाने में प्यार एक से होता था और अब तो अनेक से होता है…ये इश्क,प्यार ,लव,मोहब्बत नही है ये केवल एक का दुसरे के प्रति मायावी खिचाव है …और कुछ नहीं…
प्रेम अमूर्त है, इसे किसी रूप-रंग, किसी परिभाषा, किसी नियम में नही बाँधा जा सकता है !इस लेख में विरोधाभास है ! अगर ऐसा नही है तो स्पष्ट करे |
जवाब देंहटाएंआप ने कहा प्यार अमूर्त है सच है लेकिन क्या अपने लेख सही से पड़ा ये विरोधाभास नही है फेसबुक या कॉलेज लाइफ की सचाई है जिससे में सत्यता के आधार पर लिखा है।
जवाब देंहटाएंआज फेसबुक पर कई लड़के अपनी प्रोफाइल लड़कियों के रूप में बनाते है फिर दोस्ती कर धीरे धीरे उनको बेवकूफ बना कर जाल में फसाते है same लड़की भी करती है क्राइम पेट्रोल में बहुत से क्राइम इस टॉपिक से रिलेटेड मिले जायेगे तब आप समझेंगे कि ये आर्टिकल किस बात पर लिखा है।
ऐसे ही कॉलेज के कई लव बर्ड आपको रिस्टोरेंट गार्डन में गलत हरकत करते मिल जायेंगे जिनमे सिर्फ 40%ही सच्चा प्यार करने वाला जोड़ा मिलेगा जो पूरे जीवन एक दूसरे के साथ होंगे बाकी से आप पूछोगे तो सुनने को मिलेगा I am not serious for this relationship,see what happens in future no one can say.
आप के आस pass school ke बच्चे हो या आपके कई दोस्त भी होंगे जो कॉलेज टाइम में टाइम पास गर्लफ्रेंड बनाए होंगे।