शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

बदलेगा मेरे दोस्त बहुत जल्द ये जमाना

 बदलेगा  मेरे  दोस्त  बहुत  जल्द  ये  जमाना ,

क्योकि  किसी  ने  सही  कहा है 
,
वक़्त  और  मौसम  कभी  किसी  के  लिए  नहीं  ठेरता  ,

जब  अंधकार  गहरा  हो  जाये  तभी  समझो  

सुबह  लालिमा  बन  बहुत  जल्द  छा जाये  ,

बदलेगा  मेरे  दोस्त  ये  जमाना  क्योकि

 वक़्त वो  पहिया है जो  कभी  एक  पथ  पर नहीं  रुक  पाया .

वक़्त  के सामने भगवन भी कहा रुक पाए 

तभी तो कान्हा जशोदा को छोड कर्म पथ पर आगे बड़े आये,

इस वक़्त  रूपी पहिये ने कंस के अहंकार को भी हराया 

सब जानते समझते माया से  कंस ने खुद को कितना बचाया ,

पर वक़्त का पहिय घूमता रहा घूमता रहा ,

तकदीर के लिखे फैसले से कंस खुद को कहा बचा पाया ,

बदलेगा  मेरे  दोस्त  बहुत  जल्द  ये  जमाना ,

वक़्त वो  पहिया है जो  कभी  एक  पथ  पर नहीं  रुक  पाया . 

हम लाख जतन कर ले वक़्त को नहीं रोक पायेगे 

वक़्त रूपी पहियों के बीच जीवन रूपी गाढ़ी बन सदा ऐसे ही चलते जायेगे

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