मंगलवार, 7 अगस्त 2012

आपका छोटे से छोटा प्रयास भी बहुमूल्य है।



एक बार एक गाँव में आग लग गई, सारा गाँव उस आग को बुझाने में लगा था. एक चिड़िया अपनी चोंच में पानी भरती और आग में डालती. फिर पानी भरती और फिर आग में डालती, वो बार बार यही काम कर रही थी. एक पेंड पर एक कौवा बैठा ये देख रहा था वो चिड़िया से बोला- अरी पागल ! तू चाहे कितनी भी मेहनत कर ले लेकिन तेरे बुझाने से आग नहीं बुझेगी.

इस पर चिड़िया विनम्रता से बोली - मैं जानती हूँ कि मैं इस आग को नहीं बुझा सकती, लेकिन जब भी कभी गाँव की इस आग का जिक्र होगा तो मेरी गिनती आग बुझाने वालों में होगी और तुम्हारी तमाशा देखने वालों में. अब आप बताइये आप किसके साथ हैं ?? चिड़िया के साथ या कौवे के साथ ??

याद रखिये , आपका छोटे से छोटा प्रयास भी बहुमूल्य है .

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