अगर हम ध्यान से अपने बचपन को ही याद करे तो पायेगे की हम बचपन से अपने
पापा ,मम्मी की ज्यादातर आदतों की नक़ल उतारते है, याद है न आप सबको बचपन का
एक प्रसिद्ध खेल जो ज्यादातर बच्चे खेलते है/लडकियों का घर घर खेलना छोटा
सा घर बनाना उसमे नकली खाना बनाना और मम्मी की नक़ल लडकियों द्वारा उतारते
आसानी से देखने को मिलती है उस खेल में /
ऐसे ही लडको का ऑफिस ऑफिस खेलना और पापा की तरह बाते करना,बॉस से
ऐसे ही लडको का ऑफिस ऑफिस खेलना और पापा की तरह बाते करना,बॉस से
उनकी
बातो की नक़ल उतरना जो पापा ने घर आ कर चाये की चुस्की लेते हुए मम्मी को
बताई थी और पास खड़े बेटे ने बड़ी गौर से सुनी थी बिलकुल वही नक़ल उतारते थे
आप भी जब छोटे थे /
आज जब आप खुद पापा या मम्मी बन गए है तो वो ही आदत आपको अपने बच्चो में भी देखने को आसानी से मिल जाएगी ,कई बार आप अपने लाडले /लाडली को फ़ोन या मोबाइल पर झूट मूट का आपकी तरह बाते करते देखेगे यहाँ तक की जब आप उनसे पुछेगे की बड़े हो कर क्या बनोगे तो ज्यादातर बच्चे वही option बोलेगे जो उनके मम्मी या पापा है जैसे engg , डॉक्टर etc
इतना सब जान कर भी हम वो गलतियाँ करते है जो हमारी खुद की परवरिश पर ? लगा दे हमे पता है छोटे बच्चे हमारी नक़ल उतारते है वो हमसे प्रेरित होते है फिर भी हम उनके सामने गाली देते है जो वो भी सीखते है/
कुछ ladies अपने बड़ो से अच्छा व्यबहार नहीं करती घर पर गुस्से में अंट शंट बोल जाती है वही बच्चे भी सीख जाते है इसलिए हमको बच्चो के सामने क्या बोलना है क्या नहीं ध्यान रखना जरुरी है क्योकि बच्चे बहुत जल्दी सीखते है हर बात /
जो gents सिगरेट और शराब पीते है वो खुद के साथ साथ परिवार का नुकसान भी करते है यही नहीं अपने छोटे बच्चो को दो तरीके से नुकसान पहुचाते है एक बच्चो के स्वस्थ को क्योकि सिगरट का धुआं पीने वाले के साथ उनको भी नुकसान करता है जो उस धुआं को इन्हेल करते है सोचिये आपके नाजुक से बच्चो के lungs भी नाजुक है कितना नुकसान करता होगा उनको आपका ये शौक यही नहीं छोटे बच्चो का दिमाग भी नाजुक होता है जो हर चीज़ को कोत्हुल की द्रष्टि से देखते है जब आप आस पास नहीं होते कई बार नकली सिगरते पीने का खेल भी खेलते है यही नहीं जब teen age में आते है तो आपसे छुपा कर आपकी ही सिगरट पहली बार try करते है और इस गलत शौक के वो भी आदि हो जाते है /
शराब भी आपको दो तरीके से बच्चो का अपराधी बनती है पहला तरीका आप जितने की शराब पीते है उतने में अपने बच्चो के बहुत से शौक पुरे कर सकते है उनके भविष्य के लिए रोज अगर अपनी शराब के पैसे भी गुलक में डाले तो शायद उतना जोड़े लेगे जब वो बड़े होगे की कोई अनमोल तोफा जो उनकी ज़िन्दगी बना दे आप उनको दे पायेगे यही नहीं आपका अनमोल साथ जो नशे की हालत में आप नहीं दे पाते वो आप अपने बच्चो के साथ खेल कर उनको उनकी प्रोग्रेस के लिए मार्ग दिखा कर पास करेगे और परिवार को डर मुक्त भी करेगे की कही लीवर न ख़राब हो और वो आपको खो न दे और आपके द्वारा जोड़ी हुई उनके भविष्य के पुंजी आसु और आपकी बीमारी में न ख़तम हो जाये क्योकि परिवार के लिए आपका जीवन अनमोल है /
दूसरा नुकसान तो आप सबको पता है पर नज़र अंदाज करते है लड़का हो या लड़की आजकल दोनों इस नशे के शौक को आसानी से अपना रहे है और जब घर के बड़ो को इसी मार्ग पर देखते है तो डर और गलती दोनों का एहसास उनसे बहुत दूर है /
ऐसे ही अन्य गलत शौक भी बच्चे अपने बड़ो से बड़ी आसानी से सीखते है इसलिए gents हो या ladies मेरा आग्रह है की बच्चो के लिए आदर्श वताबरण बनाना हमारे हाथ है हमको सोचना है की हमे अपने बच्चो को क्या रहा देनी है हमारे लिए हमारे बच्चे ज्यादा important है या ये गलत शौक / हमे सोचना है हम क्या देखना पसंद करेगे अपनी परवारिश पर सवाल या एक सुखी परिवार /
इस आर्टिकल से मेरा बिलकुल भी किसी को hurt करने का आर्शिया नहीं है में सिर्फ अपने विचार रखना चाहती थी जो मैने अपनी ही २ सहेलियों के परिवार को देख अनुभब किया की मेरे परिवार और उनके परिवार में क्या अंतर है /अगर किसी को कोई बात बुरी लगे तो अपने इस आदमीं को माफ़ जरूर कर दीजियेगा पर अनुरोध है की मेरी बात की गहराई को समझने की कोशिश जरुर करियेगा शायद आपको मेरे विचार सही लगे /
आज जब आप खुद पापा या मम्मी बन गए है तो वो ही आदत आपको अपने बच्चो में भी देखने को आसानी से मिल जाएगी ,कई बार आप अपने लाडले /लाडली को फ़ोन या मोबाइल पर झूट मूट का आपकी तरह बाते करते देखेगे यहाँ तक की जब आप उनसे पुछेगे की बड़े हो कर क्या बनोगे तो ज्यादातर बच्चे वही option बोलेगे जो उनके मम्मी या पापा है जैसे engg , डॉक्टर etc
इतना सब जान कर भी हम वो गलतियाँ करते है जो हमारी खुद की परवरिश पर ? लगा दे हमे पता है छोटे बच्चे हमारी नक़ल उतारते है वो हमसे प्रेरित होते है फिर भी हम उनके सामने गाली देते है जो वो भी सीखते है/
कुछ ladies अपने बड़ो से अच्छा व्यबहार नहीं करती घर पर गुस्से में अंट शंट बोल जाती है वही बच्चे भी सीख जाते है इसलिए हमको बच्चो के सामने क्या बोलना है क्या नहीं ध्यान रखना जरुरी है क्योकि बच्चे बहुत जल्दी सीखते है हर बात /
जो gents सिगरेट और शराब पीते है वो खुद के साथ साथ परिवार का नुकसान भी करते है यही नहीं अपने छोटे बच्चो को दो तरीके से नुकसान पहुचाते है एक बच्चो के स्वस्थ को क्योकि सिगरट का धुआं पीने वाले के साथ उनको भी नुकसान करता है जो उस धुआं को इन्हेल करते है सोचिये आपके नाजुक से बच्चो के lungs भी नाजुक है कितना नुकसान करता होगा उनको आपका ये शौक यही नहीं छोटे बच्चो का दिमाग भी नाजुक होता है जो हर चीज़ को कोत्हुल की द्रष्टि से देखते है जब आप आस पास नहीं होते कई बार नकली सिगरते पीने का खेल भी खेलते है यही नहीं जब teen age में आते है तो आपसे छुपा कर आपकी ही सिगरट पहली बार try करते है और इस गलत शौक के वो भी आदि हो जाते है /
शराब भी आपको दो तरीके से बच्चो का अपराधी बनती है पहला तरीका आप जितने की शराब पीते है उतने में अपने बच्चो के बहुत से शौक पुरे कर सकते है उनके भविष्य के लिए रोज अगर अपनी शराब के पैसे भी गुलक में डाले तो शायद उतना जोड़े लेगे जब वो बड़े होगे की कोई अनमोल तोफा जो उनकी ज़िन्दगी बना दे आप उनको दे पायेगे यही नहीं आपका अनमोल साथ जो नशे की हालत में आप नहीं दे पाते वो आप अपने बच्चो के साथ खेल कर उनको उनकी प्रोग्रेस के लिए मार्ग दिखा कर पास करेगे और परिवार को डर मुक्त भी करेगे की कही लीवर न ख़राब हो और वो आपको खो न दे और आपके द्वारा जोड़ी हुई उनके भविष्य के पुंजी आसु और आपकी बीमारी में न ख़तम हो जाये क्योकि परिवार के लिए आपका जीवन अनमोल है /
दूसरा नुकसान तो आप सबको पता है पर नज़र अंदाज करते है लड़का हो या लड़की आजकल दोनों इस नशे के शौक को आसानी से अपना रहे है और जब घर के बड़ो को इसी मार्ग पर देखते है तो डर और गलती दोनों का एहसास उनसे बहुत दूर है /
ऐसे ही अन्य गलत शौक भी बच्चे अपने बड़ो से बड़ी आसानी से सीखते है इसलिए gents हो या ladies मेरा आग्रह है की बच्चो के लिए आदर्श वताबरण बनाना हमारे हाथ है हमको सोचना है की हमे अपने बच्चो को क्या रहा देनी है हमारे लिए हमारे बच्चे ज्यादा important है या ये गलत शौक / हमे सोचना है हम क्या देखना पसंद करेगे अपनी परवारिश पर सवाल या एक सुखी परिवार /
इस आर्टिकल से मेरा बिलकुल भी किसी को hurt करने का आर्शिया नहीं है में सिर्फ अपने विचार रखना चाहती थी जो मैने अपनी ही २ सहेलियों के परिवार को देख अनुभब किया की मेरे परिवार और उनके परिवार में क्या अंतर है /अगर किसी को कोई बात बुरी लगे तो अपने इस आदमीं को माफ़ जरूर कर दीजियेगा पर अनुरोध है की मेरी बात की गहराई को समझने की कोशिश जरुर करियेगा शायद आपको मेरे विचार सही लगे /
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