मंगलवार, 7 अगस्त 2012

माफ़ करना बहुत जरूरी है पर गलती का एहसास दिलाने के बाद



किसी को  माफ़  करना बहुत ही अच्छा है क्योकि इस से लोगो के दिल में दुरिया नहीं आती है और रिश्ते की मिठास हमेशा बनी रहती है/ पर यहाँ  एक  बात  जरूर  कहुगी किसी  को  माफ़  करना  बहुत  अच्छी बात  है  में  भी  इस  बात  से  सहमत  हूँ पर  ये  भी  जरूरी  है  की  जिसको हम माफ़ कर रहे है  उसकी  गलती  का  एहसास  हो  जाये  क्योकि  कई  बार  हम  किसी  की  गलती  के  लिए  उसे  माफ़  कर  देते  है  जब   वो  गलत करता है तो वो उससे हमारी हार या कमजोरी मान जाता है और बार बार गलती कर गलत रास्ते पर कदम बड़ा लेता है जिसके कारन  हम होते है क्योकि पहली गलती पर माफ़ कर हमने उससे प्रोत्साहित किया था

          इसलिए  माफ़  जरूर  करिये  पर  गलत  इंसान  को  उसकी  गलती  समझाने  के  बाद , उधारण के  तौर  पर  दो  प्रकार  सामने  रखुगी  :-

अगर  मम्मी  पापा  अपने  बच्चे  को  उसकी  पहली गलती  पर  बिना  सख्ती  दिखाए  माफ़  कर  दे  तो  वो  गलत  रास्ते  चला  जायेगा  ,इतिहास  में  बहुत  से  ऐसे  example है .एक  कहानी  बहुत  मशहूर है  शायद   आपने   भी  सुनी  हो  एक  बच्चा स्कूल  से  रोज  कभी  किसी  का  पेंसिल  और  कभी  कुछ  और  चुरा  लाता   था  उसकी  माँ  हर  बार  उसको  माफ़  कर  देती  थी  धीरे  धीरे  समय  के  साथ  वो  एक  बड़ा  चोर  बन  गया  एक  बार  पकड़ा  गया  तो  उसको  उम्र  कैद  हुई  उससे  पुछा गया   की  किसी  से  मिलना  चाहते  हो  तो  उसने  माँ  से  मिलना  मंजूर  किया  जब  माँ  आये  तो  उसको  पास  बुला  उसका  कान कट  कर  लिया  पूछने पर  बोला  अगर  पहली गलती  पर  मुझे  डाटा  होता  गलती  का  एहसास कराया  होता  तो  आज  में  एक  अच्छा  और  सच्चा  इन्सान  बनता  आज  जो  हूँ माँ  की  माफ़ी  का  नतीजा  हूँ /
एक  और  बात आज  देश  में  रेप केसेस  तेजी  से  बड  रहे  है  और  ज्यादा  तर  बड़े  घरो  के  लड़के  लडकिया  इन  हरकतों  में  शामिल  होती  है  क्यों  क्योकि  जब  उनकी  पहली   गलती  की  शुरुबात  होती  है  तो  माँ  बाप  दोस्त  यार  उनकी  नादानीया या  ये  सोच  की  समय   के  साथ  सुधर  जायेगे  माफ़  कर  देते  है  और  ये  उग्रे  रूप  ले  लेता  है .अगर  पहली   बार  जब  किसी  लड़के  ने  girl को  छेड़ा या  किसी  लड़की  ने  किसी  को  उकसाया  छेड़ने  के  लिए  उसी  वक्त  बड़े  उनको  माफ़  करने  की  जगह  सख्ती  का  रुख  अपनाये  तो  शायद  50% crime कम  हो  जाये .
आज  अगर  हम  समाज  को  गौर  से  देखे  तो  हमारे  देश  में  भी  छोटे  छोटे  बच्चे  cigrate aur sharab पीते मिल जायेगे  कारन  बड़े  उनको  समझा  कर  छोड देते  है  की  बेटा  ये  नुकसान  करेगा  पर  कभी  कोई  सख्त  कदम  नहीं  उठाते  जब  यही  सिगरते  शराब
drugs उनके  बचो  को  निगल  जाती  है  तब  ehessas करते  है  की  काश  हमने  माफ़  करने  से  पहले थोड़ी  सख्ती  भी  की  होती  तो  आज  हम  अपने  बेटा  बेटी को  इन बुरइयो  से  दूर रख  पाते आज  देश  में  dowry की  बजह  70% parents परेशान है  या  तो  बेटी  की  शादी  नहीं  कर  प्  रहे  या  शादी  के  बाद  लड़की  जला  दी  जाती  है  या  मर दी  जाती  है  अगर  जब  पहली  बार  dowry case अदालत  में  आया  था  तब  सख्त  कदम  उठता  तो  शायद   आज  ऐसी  situation कभी  नहीं  होती ......................
.......... इसलिए  माफ़  करना  बहुत  जरूरी  है  पर  गलती  का  ehesas दिलाने  के  बाद  जिसको  अपनी  गलती  का  एहेसास  नहीं  उसको  माफ़  कभी  नहीं करना  चहिये क्योकि  इससे  हम  देश  की  नीव कमजोर  करते  है .

1 टिप्पणी:

  1. किसी को माफ़ करना बहुत अच्छी बात है में भी इस बात से सहमत हूँ पर ये भी जरूरी है की जिसको हम माफ़ कर रहे है उसकी गलती का एहसास हो जाये क्योकि कई बार हम किसी की गलती के लिए उसे माफ़ कर देते है जब वो गलत करता है तो वो उससे हमारी हार या कमजोरी मान जाता है और बार बार गलती कर गलत रास्ते पर कदम बड़ा लेता है जिसके कारन हम होते है क्योकि पहली गलती पर माफ़ कर हमने उससे प्रोत्साहित किया था ........बिलकुल सच और उत्तम विचार हे

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